जी हाँ आज हम दो पहलुओं पर जुस्तुजू करने वाले हैं! एक Positivity और दूसरा Negativity! फ्रेंड्स आज में आपसे एक ऐसे और बहुत गहरे Topic पर बात करने वाला हूँ। जिसका आपकी ज़िंदगी से सीधा ताल्लुक़ है। यानी जिन दो चीज़ों के बारे में में यहां Discuss करूंगा उनके बारे कोई अपनी ज़िंदगी का तसव्वुर ही नही कर सकता।
Positivity….सबसे पहले चलिए Positivity की बात कर लेते हैं।
यह एक ऐसी चीज़ है जो सबकी ज़िन्दगी में आती है खासकर जब आप बचपन की दहलीज़ पर होते हैं तो यह चीज़ आपके अंदर कूट-कूट कर भरी होती है। क्या कभी आपने सोचा कि बच्चा किसी पर भी इतनी जल्दी यक़ीन कर लेता है! वो इसलिए क्योंकि उसको खुदा ने एक तोहफा देकर भेजा हुआ होता है। और वो है सबको भरोसे की निगाह से देखना, Positivity के चश्मे से देखना!

Chshmaa dhundla…फिर आखिर ऐसा क्या होता है कि धीरे-धीरे आपका वो क़ुदरती चश्मा धुन्दला होने लगता है। और आपको चीज़ों में कमियां,खामियां,गलतियां दिखाई देने लगती हैं? क्योंकि जब आपको अहसास होता है कि दुनियां में हम एक चीज़ तो क़ुदरती सीखकर आते हैं,पर कुछ वक्त बाद आपको एक दूसरी चीज़ का इल्म होता है और वो है Negativity इसका सीधा मतलब है, दूसरों को गलती व ऐब की निगाह से देखना, दूसरों के अंदर कमियां दिखाई देना, यह Negativity के असरात हैं जो आपके अंदर धीरे-धीरे पनपने लगते हैं।
Narural Actoin…दोस्तों!मानता हूँ कि यह Natural होता है। पर इसकी एक limit होती है और इसका फैसला आपको करना है कि आपको किस हद तक Negativity के तऱीके से चीज़ों को देखना है कहाँ आकर रुक जाना है।
Froud Zaalim… यह भी सच है कि आपको अपनी Negativity को ज़िंदा रखना है ऐसे लोगों के लिए जो दगाबाज़ हैं, चोर हैं, धोकेबाज़ हैं, जालसाज़ हैं, और क़ातिल हैं,और दुनिया मे जितने भी जुर्म होते हैं उन सबके लिए यह सोच आपकी ज़िंदा रहनी ही चाहिए क्योंकि यही Negative Thinking हमें गुनाहगार लोगों की पहचान करने में मदद करती है। पर असल मे मेरा असल मक़सद इस Post को लिखने का यह है कि आज यह Negativitiy कुछ ज़्यादा ही पैर पसार रही है।

Success Me Rukawat…और यह एक ऐसी चीज़ हो सकती है जो आपकी कामयाबी के रास्ते में आड़े आ रही है। ज़रूरी नही की यह आपके अंदर एक लिमिट में हो जिसकी अभी मैंने बात की पर क्या गारंटी है कि दूसरा इस चीज़ से बचा है? हो सकता है वो इसकी लिमिट Cross कर गया हो? वो कोई भी हो सकता है आपका बड़ा,आपका छोटा, आपका दोस्त, कोई भी! पर उनको इस चीज़ से बचाने के हक़ आपका है।
Fight together… क्या कभी ऐसा नही हुआ आपके साथ कि आपने किसी के बारे में कुछ अच्छा सोचा पर नतीजा क्या निकला? वो दूसरा जिसके लिए आपके अच्छे विचार हैं वो तो आपसे लड़ बैठा? या फिर उसे लगता है कि आप उससे चिढ़ते हैं, या आप उसके बारे में गलत ख्याल करते हैं? अब यहाँ पर आप अपनी लिमिट में हैं! पर वो अपनी Limit Cross कर चुका है और कुछ भी ख्याल करता है आपके बारे में।
god gifted….दोस्तों! खुदा ने आपको एक खूबसूरत चीज़ देकर भेजा है! जो आपको किसी ने नही सिखाई आप पहले से जानते हैं! बचपन मे जब आप छोटे होते हैं तो यह Limit से ज़्यादा आपके अंदर होती है। एक बच्चा किसी पर भी बड़ी जल्दी यक़ीन कर लेता है। मतलब साफ है वो हर किसी पर भरोसा करता है, उसे
Froud…. dhoka. ज़ालिम,मज़लूम,क़ातिल,चोर,धोकेबाज़ की पहचान नही होती ! मतलब साफ है उसमें POSITVITY की मात्रा ज्यादा होती है। एक बच्चा किसी के बारे में अच्छा ही सोच सकता है गलत नही।
child positive thinking..जिस तरह किसी भी अनजान चीज़ पर यक़ीन कर लेना एक बच्चे के लिए घातक साबित हो सकता है !
ठीक वैसे ही एक आदमी के लिए किसी भी अनजान इंसान या चीज़ पर यकीन कर लेना कितना नुकसान देह हो सकता है यह आपको वही बता सकता है जिसके साथ यह हुआ हो।
देखिये! आप खुदको Positive रख सकते हैं पर एक क़ातिल,ज़ालिम जो वो हैं उन्हें वही समझने में यहाँ आपकी strangers.. Negativity काम आती है। आप किसी अनजान चीज़ को देखते हैं तो उसके बारे में क्या सोचते होंगे? पर यह आपकी सोच पर निर्भर करता है,फिर भी अगर आप किसी अनजान चीज़ को देखते हैं तो क्या सोच सकते हैं? इसका जवाब बहुत आसान है कुछ नही! जी हाँ आपको उसको Ignore कर देना है ना उसके लिए अच्छा सोचना है और न ही बुरा! आप सबको ना तो अच्छी नज़र से देख सकते हैं और न ही बुरी नज़र से ! मैं यहाँ उन चीज़ों की बात कर रहा हूँ जिनको आप जानते ही नही हूँ। तो आगे से जब आपके सामने किसी अनजान चीज़ की तारीफ़, या कोई बात करे तो तब तक यक़ीन न करियेगा जब तक आपके सामने उसका सुबूत ना हो।

biraayi.. और अगर कोई बुराई करे तब भी आपको कोई हक़ नही बनता की किसी के भी कहने से आप उसे बुरा समझने लगें। दोस्तों दुनियां में कच्चे कान के लोग ज़्यादा हैं जो कुछ भी सुनते हैं और यक़ीन कर लेते हैं। जैसा कि आपने आज कल देखा होगा Whatsapp पर कितने Fake News फैलते रहते हैं। क्या आपने कभी सोचा कि दो लोगों के बीच में एक चीज़ आपकी दुश्मन हो सकती है आपकी Thinking of Negativity! जितना हो सके Negative Thinking से बचिए क्योंकि यह आपके Carrier को नई ऊंचाइयों पर जाने से रोकती है। अक्सर दो दोस्तों,दो यारों में झगड़ा आपकी गलत फहमी, आपकी Nagative Thinking की वजह से ही होता है।
be positive…तो Friends ! इस सोच से बाहर निकलिए और जब सोचिये तो अच्छा वरना कुछ नही।। Normal रहने दीजिए। क्या फ़र्क़ पड़ता है अगर दूसरा Negative सोचता है? पर अगर आप अपनी जगह ठीक है तो यही अपने आप मे बहुत बड़ी बात है। उम्मीद करता हूँ कि आपको यह Post पसंद आया होगा।







